इस मेले का सबसे मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को साल 2030 तक लगभग ₹9.45 लाख करोड़ (100 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुँचाना है.