चीन इस समूह में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है. वह चाहेगा कि ब्रिक्स एक कॉमन करेंसी की बात भी करे, लेकिन दूसरे देशों को शायद यह सही न लगे.