परिवार के विरोध के बाद भी 20 साल की युवती ने चुना संन्यास का रास्ता, HC ने कहा- बालिग को अपने फैसले का अधिकार
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सांसारिक जीवन त्याग कर जैन साध्वी बनने की इच्छुक 20 वर्षीय युवती को राहत देते हुए कहा है कि एक वयस्क नागरिक के तौर पर वह अपनी जिंदगी के फैसले लेने और अपनी इच्छा के अनुसार धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र है.