एक विकल्प यह है कि डीएमके वोटिंग से ही दूर हो जाए. यदि ऐसा हुआ तो लोकसभा में सदस्य संख्या ही 518 रह जाएगी. दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा तब 346 होगा.